-
1290
छात्र -
1015
छात्राएं -
2305
कुल छात्र -
64
कर्मचारी
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, पीतमपुरा अगस्त 1985 में गुणवत्ता शिक्षा के माध्यम से एक अवसर प्रदान करने के लिए अस्तित्व में आया। विविधता में एकता वाला एक सह-शिक्षा विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध है।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा के एक आम कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और पैरा-सैन्य कर्मियों सहित हस्तांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए | उत्कृष्टता का पीछा करने और स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए |
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा के एक आम कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और पैरा-सैन्य कर्मियों सहित हस्तांतरणीय केंद्र सरकार के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए; उत्कृष्टता का पीछा करने और स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए |
संदेश

आयुक्त, निधि पांडे, आईआईएस
प्रिय विद्यार्थियों, शिक्षकवृंद एवं अभिभावकगण,
आप सभी को केन्द्रीय विद्यालय संगठन के ‘स्थापना दिवस-2024’ की हार्दिक शुभकामनाएं। 1963 में एक साधारण सी शुरुआत करने वाला केन्द्रीय विद्यालय संगठन आज स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का एक प्रेरणादायक संस्थान बनकर उभरा है और बढ़ते हुए वर्षों के साथ निरंतर नवाचार और सृजन की कहानी लिख रहा है।

श्री सरदार सिंह चौहान
उपायुक्त
तत्कर्म यन्न बंधाय सा विद्या या विमुक्तये। आयासायापरम कर्म विद्यान्या शिल्पनैपुणम ।। – श्री विष्णुपुराण अर्थात जो बंधन उत्पन्न न करे वह कर्म है और जो मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे वह विद्या है। शेष कर्म तो परिश्रम स्वरूप है तथा अन्य विधायें तो मात्र कला कौशल ही है। भारतीय ऋषि -मुनियों व मनीषियों ने ज्ञान (विद्या) को मनुष्य की मुक्ति का साधन कहा है। र्मनुष्य को भय, भूख, दुर्विकार , दुष्प्रवृत्तियाँ , दुराचरण, निर्बलता , दीनता व हीनता ,रोग-शोक इत्यादि से मुक्ति की अभिलाषा अनंतकाल से है। श्रीविष्णुपुराण का उपरोक्त महावाक्य हमें यही संदेश देता है कि मनुष्य को ज्ञान के द्वारा अपने समस्त क्लेशों से मुक्ति पाने का पुरुषार्थ करना चाहिए | विद्या त्याग और तपस्या का सुफल होती है इसीलिए ज्ञान की उपलब्धि सदैव श्रमसाध्य है| आइये , हम सभी अनुशासित होकर, समर्पित भाव से समस्त उपलब्ध साधनों का मर्यादापूर्वक उपभोग करते हुए ज्ञानार्जन का सद्प्रयास करें| अपनी दिनचर्या में उचित आहार , विहार और विचार का समावेश करते हुए व्यक्ति के रूप मे प्रकृति प्रदत्त अनंत संभावनाओं को ज्ञान की पवित्र ऊर्जा के आलोक में पल्लवित व पुष्पित करें | हम सभी कृष्ण यजुर्वेद के तैत्रीय उपनिषद के इस सूत्र का प्रतिदिन अपने विद्यालयों में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में सस्वरपाठ करते हैं :- ॐ सह नाववतु सह नौ भुनक्तु , सह वीर्यम करवावहै | तत्कर्म यन्न बंधाय सा विद्या या विमुक्तये। आयासायापरम कर्म विद्यान्या शिल्पनैपुणम ।। – श्री विष्णुपुराण अर्थात जो बंधन उत्पन्न न करे वह कर्म है और जो मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे वह विद्या है। शेष कर्म तो परिश्रम स्वरूप है तथा अन्य विधायें तो मात्र कला कौशल ही है। भारतीय ऋषि -मुनियों व मनीषियों ने ज्ञान (विद्या) को मनुष्य की मुक्ति का साधन कहा है। र्मनुष्य को भय, भूख, दुर्विकार , दुष्प्रवृत्तियाँ , दुराचरण, निर्बलता , दीनता व हीनता ,रोग-शोक इत्यादि से मुक्ति की अभिलाषा अनंतकाल से है। श्रीविष्णुपुराण का उपरोक्त महावाक्य हमें यही संदेश देता है कि मनुष्य को ज्ञान के द्वारा अपने समस्त क्लेशों से मुक्ति पाने का पुरुषार्थ करना चाहिए | विद्या त्याग और तपस्या का सुफल होती है इसीलिए ज्ञान की उपलब्धि सदैव श्रमसाध्य है| आइये , हम सभी अनुशासित होकर, समर्पित भाव से समस्त उपलब्ध साधनों का मर्यादापूर्वक उपभोग करते हुए ज्ञानार्जन का सद्प्रयास करें| अपनी दिनचर्या में उचित आहार , विहार और विचार का समावेश करते हुए व्यक्ति के रूप मे प्रकृति प्रदत्त अनंत संभावनाओं को ज्ञान की पवित्र ऊर्जा के आलोक में पल्लवित व पुष्पित करें | हम सभी कृष्ण यजुर्वेद के तैत्रीय उपनिषद के इस सूत्र का प्रतिदिन अपने विद्यालयों में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में सस्वरपाठ करते हैं :- ॐ सह नाववतु सह नौ भुनक्तु , सह वीर्यम करवावहै | तेजस्वि नावधीतमत्सु मा विद्विषावहै, ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।। आइये , इस सूत्र में छुपे महान संदेश को समझें और अपने जीवन में आत्मसात कर अपना नित्य कर्म करें | मैं , दिल्ली संभाग के समस्त अधिकारीयों , प्राचार्यों , शिक्षकों , विद्यार्थियों व कार्मिकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ और सभी के लिए सफल व सुखद भविष्य की कामना करता हूँ |तेजस्वि नावधीतमत्सु मा विद्विषावहै, ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।। आइये , इस सूत्र में छुपे महान संदेश को समझें और अपने जीवन में आत्मसात कर अपना नित्य कर्म करें | मैं , दिल्ली संभाग के समस्त अधिकारीयों , प्राचार्यों , शिक्षकों , विद्यार्थियों व कार्मिकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ और सभी के लिए सफल व सुखद भविष्य की कामना करता हूँ |
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श्री पवन कुमार
प्राचार्य
आप में से एक के रूप में, मैं समझता हूं और हमारे सामने सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य की सराहना करता हूं। एक बच्चे की नियति को आकार देना हममें से प्रत्येक के लिए बहुत गर्व की बात है। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य दुनिया में अन्य जीवों के साथ अपने स्वयं के भीतर सद्भाव और सद्भाव में प्रत्येक व्यक्ति में एक दुगुनी सद्भाव की स्थापना है। इसलिए हमारा लक्ष्य हमेशा पाठ्यचर्या और सह-पाठयक्रम गतिविधियों के माध्यम से व्यक्तित्व संवर्धन रहा है। शिक्षण एक कैरियर या एक पेशे से बहुत अधिक है। यह (शिक्षण) एक जिम्मेदार नागरिक में बच्चे को ढालने और आकार देने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मुझे यकीन है कि मेरे छात्र समाज के उत्पादक, बुद्धिमान और ईमानदार नागरिक बन जाएंगे। वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए माता-पिता की सक्रिय भागीदारी और सहयोग बेहद आवश्यक होगा। हम उत्कृष्टता के लिए नए उत्साह की तलाश करने के लिए इन-डोमेस्टिक उत्साह के साथ प्रयास करते हैं ताकि हमारे छात्रों को आत्म-संयमित हो सकें और प्रतिस्पर्धा के वर्तमान युग में उड़ते हुए रंगों के साथ बाहर आ सकें।
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
- फर्जी वेबसाइट के संबंध में सार्वजनिक सूचना।
- बालवाटिका 1 एवं 3 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि के विस्तार और ड्रा के लिए संशोधित कार्यक्रम के संबंध में।
- के.वि. काठमांडू/मॉस्को/तेहरान से प्रत्यावर्तन उपरांत पदस्थापना आदेश।
- ZIETs में कार्यकाल पूर्ण होने उपरांत प्रशिक्षण सहायकों के स्थानांतरण आदेश के संबंध में।
- वर्ष 2025 के लिए ZIET में ‘प्रशिक्षण सहायकों’ के स्थानांतरण आदेश के संबंध में।
- सुरक्षा/संरक्षण कर्मियों की नियुक्ति एवं निरीक्षण/दौरे के समय पर्दशिता और वस्तुनिष्ठता के संदर्भ में ।
- वर्ष 2025 के लिए अधीक्षक अभियंता/उप आयुक्त (प्रशासन)/सहायक आयुक्त (प्रशासन)/प्रशासनिक अधिकारी/सहायक अभियंता/अनुभाग अधिकारी/पीएस के पद के लिए अद्यतन वरिष्ठता सूची।
- संयुक्त आयुक्त/उपायुक्त /सहायक आयुक्त पद की अंतिम वरिष्ठता सूची , वर्ष 2025 के संबंध मे ।
- संयुक्त आयुक्त (वित्त) /उपायुक्त (वित्त) /सहायक आयुक्त (वित्त),/वित्त अधिकारी पद की अंतिम वरिष्ठता सूची, वर्ष 2025 के संबंध मे ।
- केन्द्रीय विद्यालयों में आरटीई संशोधन नियमों के कार्यान्वयन के संबंध में।
- केन्द्रीय विद्यालय संगठन – प्रवेश समय-सारिणी 2025-2026.
- केन्द्रीय विद्यालय संगठन – प्रवेश दिशानिर्देश 2025-2026.
- केन्द्रीय विद्यालय संगठन – प्रवेश सूचना 2025-2026.
- सत्र 2025-26, 2026-27 और 2027-28 के लिए विदेश में स्थित केंद्रीय विद्यालय (काठमांडू / मॉस्को / तेहरान) में पोस्टिंग के लिए अनंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों की सूची।
- कक्षा-XI के लिए विकल्प प्रपत्र (नमूना)
- पंजीकरण फॉर्म कक्षा- II से आगे (नमूना)
- केन्द्रीय विद्यालय संगठन संशोधित प्रवेश समय-सारिणी 2022-2023
- केन्द्रीय विद्यालय संगठन संशोधित प्रवेश दिशानिर्देश 2022-2023
- कार्यालय ज्ञापन
- केन्द्रीय विद्यालय संगठन प्रवेश समय-सारिणी 2023-2024।
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छात्रों के बारे में समाचार और कहानियाँ, और पूरे स्कूल में नवाचार

राष्ट्रीय बाल भवन का भ्रमण

राष्ट्रीय शिल्पकला व हस्तकला अकादमी का भ्रमण

पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय पीतमपुरा के छात्रों द्वारा दूरदर्शन के शो जस्ट जूनियर में प्रतिभागिता
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
छोटी सी खुली लाइब्रेरी

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पीतमपुरा में खिलौना लाइब्रेरी का उद्घाटन |
विद्यालय शीर्ष विद्यार्थी
सीबीएसई 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षाएँ
कक्षा 10 वीं 2023-24
कक्षा 12 वीं सत्र 2023-24
सीबीएसई बोर्ड परिणाम समंक
सत्र 2023-24
उपस्थित 160 उत्तीर्ण 162
सत्र 2022-23
उपस्थित 192 उत्तीर्ण 190
सत्र 2021-22
उपस्थित 188 उत्तीर्ण 172
सत्र 2020-21
उपस्थित 247 उत्तीर्ण 247
सत्र 2023-24
उपस्थित 163 उत्तीर्ण 162
सत्र 2022-23
उपस्थित 259 उत्तीर्ण 257
सत्र 2021-22
उपस्थित 209 उत्तीर्ण 209
सत्र 2020-21
उपस्थित 227 उत्तीर्ण 227