परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
यह विद्यालय 1985 में उत्तर-पश्चिम दिल्ली में 4.083 हेक्टेयर ज़मीन पर स्थापित किया गया था। यह विद्यालय सिविल सेक्टर के अंतर्गत आता है और वर्तमान में इसमें 2245 छात्र नामांकित हैं।.
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
केंद्रीय विद्यालय संगठन उच्च-गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए ज्ञान और मूल्यों को प्रदान करने तथा अपने छात्रों की प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता को निखारने में विश्वास रखता है...
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विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
रक्षा और अर्ध-सैन्य बलों के कर्मियों सहित, ट्रांसफ़र होने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक साझा...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री वरुण मित्र
उपायुक्त
“शिक्षा सोच को आकार देती है, चरित्र का निर्माण करती है और राष्ट्र को मज़बूत बनाती है।” तेज़ी से हो रही तकनीकी प्रगति और अभूतपूर्व बदलावों के इस दौर में, शिक्षा केवल ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं है; यह चरित्र, रचनात्मकता, क्षमता और संवेदना को विकसित करने का माध्यम है। केंद्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली, उत्कृष्टता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ, एक प्रगतिशील, समावेशी और जागरूक भारत की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय विद्यालय हमेशा से ही सीखने, अनुशासन, विविधता और राष्ट्रीय एकता के जीवित उदाहरण रहे हैं, जहाँ पढ़ाई-लिखाई में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति, टेक्नोलॉजी और जीवन-कौशल पर भी ध्यान दिया जाता है। हमारी कोशिश ऐसे नागरिक तैयार करने की है जो आत्मविश्वासी, संवेदनशील, मुश्किलों का सामना करने वाले, ज़िम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार हों। इस सोच को ध्यान में रखते हुए, हमारे विद्यालय, शिक्षा का ऐसा श्रोत हैं जहाँ बच्चे सवाल पूछतें है , प्रयोग करते है , नई चीज़ें खोजते है , मिलकर काम करते है और कुछ नया सिखते और बनाते हैं । नई टेक्नोलॉजी नन्ही सोंच को सीखने में मदद करती है और शिक्षक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते है जो शिक्षार्थी को ज्ञान और उनके सपनों को कामयाबी में बदलने के लिए प्रेरित करते है। शिक्षक भविष्य के निर्माता और बदलाव लाने वाले होते हैं। नई शिक्षा निति 2020 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनका लगातार प्रोफेशनल डेवलपमेंट, पढ़ाने का नया और अनोखा तरीका और हर सीखने वाले के प्रति समर्पण बहुत ज़रूरी है। जैसे-जैसे हम ‘विकसित भारत’ के विज़न की ओर बढ़ रहे हैं, आइए हम हर केंद्रीय विद्यालय को क्रिएटिविटी, अच्छे चरित्र और क्षमता का केंद्र बनाने का संकल्प लें, जहाँ हर बच्चा अपनी काबिलियत को पहचाने और हर शिक्षक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने में सक्षम हो। आइए, हम पूरे विश्वास, सहयोग और प्रतिबद्धता के साथ मिलकर एक ऐसा शैक्षिक माहौल बनाएं जहाँ हर सीखने वाला आगे बढ़ सके, हर प्रतिभा को निखरने का मौका मिले,हर सपने को सही दिशा मिले और वह सफलता के नए शिखरों को छुएँ। केन्द्रीय विद्यालय संगठन एक समृद्ध, प्रेरणादायी एवं समावेशी शिक्षण वातावरण प्रदान करता है, जहाँ विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने, अपनी प्रतिभा को निखारने तथा ज्ञान, कौशल और मूल्यों से सुसज्जित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य को आकार देने के लिए निरंतर प्रेरित होते हैं। मैं, सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल एवं सार्थक भविष्य की हार्दिक मंगलकामना करता हूँ। वे लगातार सीखते रहें, आगे बढ़ें, बेहतरीन प्रदर्शन करें और देश के विकास में सार्थक योगदान दें। जय हिंद!
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श्री पवन कुमार
प्राचार्य
आप में से एक के रूप में, मैं समझता हूं और हमारे सामने सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य की सराहना करता हूं। एक बच्चे की नियति को आकार देना हममें से प्रत्येक के लिए बहुत गर्व की बात है। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य दुनिया में अन्य जीवों के साथ अपने स्वयं के भीतर सद्भाव और सद्भाव में प्रत्येक व्यक्ति में एक दुगुनी सद्भाव की स्थापना है। इसलिए हमारा लक्ष्य हमेशा पाठ्यचर्या और सह-पाठयक्रम गतिविधियों के माध्यम से व्यक्तित्व संवर्धन रहा है। शिक्षण एक कैरियर या एक पेशे से बहुत अधिक है। यह (शिक्षण) एक जिम्मेदार नागरिक में बच्चे को ढालने और आकार देने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मुझे यकीन है कि मेरे छात्र समाज के उत्पादक, बुद्धिमान और ईमानदार नागरिक बन जाएंगे। वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए माता-पिता की सक्रिय भागीदारी और सहयोग बेहद आवश्यक होगा। हम उत्कृष्टता के लिए नए उत्साह की तलाश करने के लिए इन-डोमेस्टिक उत्साह के साथ प्रयास करते हैं ताकि हमारे छात्रों को आत्म-संयमित हो सकें और प्रतिस्पर्धा के वर्तमान युग में उड़ते हुए रंगों के साथ बाहर आ सकें।
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राष्ट्रीय बाल भवन का भ्रमण
राष्ट्रीय शिल्पकला व हस्तकला अकादमी का भ्रमण
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय पीतमपुरा के छात्रों द्वारा दूरदर्शन के शो जस्ट जूनियर में प्रतिभागिता
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
राष्ट्र प्रथम अभियान
श्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा दसवीं और बारहवीं कक्षा
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
सत्र 2025-26
उपस्थित 205 उत्तीर्ण 205
सत्र 2024-25
उपस्थित 184 उत्तीर्ण 182
सत्र 2023-24
उपस्थित 162 उत्तीर्ण 162
सत्र 2022-23
उपस्थित 192 उत्तीर्ण 190
सत्र 2025-26
उपस्थित 211 उत्तीर्ण 200
सत्र 2024-25
उपस्थित 198 उत्तीर्ण 197
सत्र 2023-24
उपस्थित 163 उत्तीर्ण 162
सत्र 2022-23
उपस्थित 259 उत्तीर्ण 257